नियम घातांक शून्य

नियम घातांक शून्य

time:2021-10-27 14:55:11 सिप में क्यों करना चाहिए लंबे समय तक निवेश Views:4591

क्रिकेट आईसीसी नियम घातांक शून्य 10cric जमा बोनस कोड,betway कल परिणाम,भारत में लियोवेगास कानूनी,lovebet बी चैंपियन,lovebet मीडिया बॉक्स,lovebet एक्स ऐप,एक खेल ब्लॉग,बैकरेट डीलर 6 अंक जीतने की संभावना,बैकरेट स्थिर लाभ खेल,सट्टेबाजी का दोहरा मौका,कैसीनो 67,कैसीनो स्लॉट सूचकांक,क्लासिक रम्मी कस्टमर केयर नंबर,क्रिकेट हैशटैग,डीएनबी लवबेट,यूरोपीय फुटबॉल चैनल लाइव,फुटबॉल लाइव स्कोर वेबसाइट,उत्पत्ति कैसीनो ईमेल,होटल कैसीनो,आईपीएल डीएपी कीमत 2021,जैकपॉट पागलवर्ल्ड,फिलीपींस में लाइव लाठी,लाइव रूले टेबल यूएसए,लॉटरी यूके परिणाम चेकर,mystake.com समीक्षा,ऑनलाइन कैसीनो त्वरित हिट स्लॉट,ऑनलाइन पोकर ड्यूशलैंड रीचस्लेज 2020,परिमच बेटिंग,पोकर कमाई ट्रैकर ऐप,त्वरित लाइव कैसीनो,शाही ज़ायका,रम्मी रॉयल,स्लॉट मशीन डच,स्लॉटी कैसीनो,स्पोर्ट्सबुक dafabet,टेक्सास होल्डम फ्लॉप,ऑनलाइन baccarat में नकली हैं,कौन सा बोर्ड गेम सबसे मजेदार है,www.junglee rummy.com एक्सेस करने के लिए,इलेक्ट्रॉनिक खेल juta,कैसीनो के खेल today,गोवा आल बीच पे,जोकर सॉन्ग टिक टॉक,फुटबॉल भजन,बेटा तेरी मां समझावे रे,लॉटरी खेल in english,स्पोर्ट्स भर्ती २०२० .सिप में क्यों करना चाहिए लंबे समय तक निवेश

न्यूनतम निवेश की सीमा का कम होना, इंवेस्टमेंट में अनुशासन, रुपए की औसत लागत, कम्पाउडिंग की ताकत सिप में निवेश के प्रमुख फायदों में शामिल हैं.
जुजेर गबाजीवाला, निदेश, वेंचुरा सिक्योरिटीज


अधिकतर निवेशक इक्विटी फंड्स में निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) को तरजीह देते हैं. हाल के समय में सिप को बहुत अधिक लोकप्रियता मिली है. इसकी वजह है कि इसके कई तरह के आम फायदों के बारे में लोग अवगत हो गए हैं.

न्यूनतम निवेश की सीमा का कम होना, इंवेस्टमेंट में अनुशासन, रुपए की औसत लागत, कम्पाउडिंग की ताकत सिप में निवेश के प्रमुख फायदों में शामिल हैं. साथ ही ज्यादा फायदा हासिल करने के लिए या घाटा कम करने के लिए मार्केट को टाइम करने की जरूरत नहीं होती है. मार्च, 2021 में सिप कलेक्शन 9,182 करोड़़ रुपये पर रहा.

यह सालाना आधार पर 6.3 फीसद की वृद्धि को दिखाता है. यह आंकड़ा इस बात को दिखाता है कि अधिक-से-अधिक निवेशक निवेश के लिए सिप का रुख कर रहे हैं. निवेशक जितने लंबे समय तक निवेश करेंगे, उन्हें उतना अधिक फायदा होगा. सिप में निवेश करने वाले निवेशकों को नीचे उल्लेखित बिंदुओं को भी ध्यान में रखना चाहिए.

होल्डिंग की औसत अवधि

अगर कोई निवेशक 20 साल तक निवेश करता है तो हर सिप के लिए होल्डिंग की औसत अवधि 10 साल होगी. इसकी वजह यह कि केवल आपकी सिप की पहली किस्त के भुगतान को 20 साल पूरे हुए हैं. वहीं, सिप की आपकी हालिया किस्त को एक महीने भी नहीं पूरा हुआ है.

ऐसे में अगर कोई व्यक्ति 20 साल से निवेश कर रहा है तो भी होल्डिंग की औसत अवधि केवल 10 साल होगी. ऐसे में निवेशक को होल्डिंग की औसत अवधि को ध्यान में रखना चाहिए. इंवेस्टमेंट की शुरुआत से होल्डिंग की अवधि की गणना नहीं करनी चाहिए.

कम्पाउंडिंग की ताकत

सिप के जरिए निवेश करने का एक फायदा यह है कि आप कम्पाउंडिंग की ताकत का लाभ उठा पाते हैं. लंबे समय तक निवेश किस प्रकार फायदेमंद होता है, इसे समझने के लिए आइए देखते हैं कि अलग-अलग अवधि के लिए हर महीने 10 हजार रुपये के निवेश पर कितना रिटर्न हासिल होता है.

juber-1.


हालांकि, निवेशक s के जरिए निवेश करना जारी रखते हैं लेकिन चिंता की बड़ी वजह यह है कि कई निवेशक समय से पहले अपनी s बंद करा देते हैं. समय से पहले निवेश बंद करने वालों में से कई समयावधि पूरी होने से पहले फंड निकाल लेते हैं.

ऐसा सामान्य तौर पर देखा जाता है कि लोग 7-10 साल तक निवेश के लक्ष्य के साथ में निवेश शुरू करते हैं लेकिन तीन-चार साल बाद बीच में ही उसे बंद करा देते हैं. निवेशकों के s में निवेश जारी नहीं रखने की कई वजहें हो सकती हैं. कुछ कारणों पर नीचे चर्चा की गई हैः

शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव
आम तौर पर निवेशकों को बताया जाता है कि वे 10-15 साल बाद करीब 12-15 फीसद सालाना की दर से रिटर्न की उम्मीद कर सकते हैं. हालांकि, ये रिटर्न एक समान नहीं होते हैं (इसका मतलब है कि हम हर साल सकारात्मक रिटर्न की उम्मीद नहीं कर सकते हैं, जबकि फिक्स्ड डिपोजिट में हम ऐसा करते हैं.). इसकी वजह यहा है कि इक्विटी फंड्स में पर बाजार के उतार-चढ़ाव का असर पड़ता है.

इस तरह बाजार के ऊपर या नीचे होने से निवेशकों के फायदे में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिलता है. इक्विटी फंड्स में निवेश से प्राप्त होने वाला रिटर्न कभी भी एकसमान नहीं होता है. अगर हम पिछले 20 कैलेंडर वर्ष में निफ्टी 50 के रिटर्न को देखें तो यह पता चलता है कि किसी निवेशक को सबसे ज्यादा 78 फीसद (2009) का रिटर्न हासिल हुआ था.

वहीं, -51.8 % (2008) का न्यूनतम रिटर्न प्राप्त हुआ था. इसी तरह बाजार के ऊपर या नीचे होने से रिटर्न पर भी असर देखने को मिलता है. किसी भी निवेशक के लिए इन रिटर्न्स की तुलना फिक्स्ड इनकम वाले फंड से करना सही नहीं होगा.

पा रदर्शिता और रिडेम्शन की आसान प्रक्रिया
म्यूचुअल फंड्स में इस बात को लेकर पारदर्शिता होती है कि किसी निवेशक का पैसा कहां निवेश हो रहा है. फंड्स का NAV दैनिक आधार पर उपलब्ध होता है और फंड्स का पोर्टफोलियो मासिक आधार पर अवेलेबल होता है. यह काफी लाभदायक होता है क्योंकि निवेशकों को इस बात की जानकारी होती है कि उनके रुपये का निवेश कहां हो रहा है.

दूसरी ओर, कई बार इस चीज की वजह से नुकसान भी उठाना पड़ता है क्योंकि कभी-कभी किसी खास कंपनी के बारे में नकारात्मक खबर से निवेशकों में घबराहट पैदा हो जाती है. कई बार तो लोग घबराहट में आकर बिकवाली में लग जाते हैं. बहुत संभव है कि NPS व ULIPS जैसे इंवेस्टमेंट के अन्य इंस्ट्रुमेंट्स में इन सिक्योरिटीज को होल्ड कर लिया जाए लेकिन इससे जुड़ी जानकारी सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध नहीं होती है.

म्यूचुअल फंड में आसानी से रिडमेप्शन (भुनाने) की सुविधा भी कई बार ड्रॉबैक (खामी) बन जाती है. चूंकि निवेशक आसानी से अपने निवेश को रिडीम कर सकते हैं इसलिए वे उम्मीद से थोड़ा भी कम रिटर्न देखते ही रिडेम्पशन का विकल्प तलाशने लगते हैं.

रिटर्न्स को लेकर अंसतोष
कई निवेशक अपनी s के रिटर्न से संतुष्ट नहीं होते हैं और सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान में निवेश बंद करने का निर्णय करते हैं. निवेशक शुरू करने के एक से दो साल के भीतर उस अवधि में प्राप्त होने वाले रिटर्न का मूल्यांकन करने लगते हैं. इस बिन्दु पर कई निवेशकों को लगता है कि उन्होंने निवेश को लेकर गलत फैसला किया है.

हालांकि, वह इस बात को नहीं समझते हैं कि दो साल की में होल्डिंग की औसत अवधि महज एक साल है. वे अपने निवेश के रिटर्न की तुलना अन्य स्टॉक या यहां तक कि निफ्टी या सेंसेक्स से करने लगते हैं. यह पूरी तरह से सेब और नारंगी के बीच तुलना करने जैसा है लेकिन तात्कालिक अनुभव सही नहीं होने के कारण अधिकतर कुछ और नहीं सुनना चाहते हैं.

कुछ निवेशक यह सोचकर म्यूचुअल फंड्स से कतराने लगते हैं कि उन्हें इन फंड्स में निवेश से बढ़िया रिटर्न नहीं मिलेगा. वहीं, कुछ निवेशक जल्दबाजी में निवेश जारी नहीं रखने का फैसला कर जाते हैं. अगर कोई निवेशक कम समय में निवेश जारी नहीं रखने का फैसला करता है तो वह बाद के वर्षों में होने वाले लाभ से वंचित रह जाता है.

हमारे आंतरिक रिसर्च के मुताबिक इक्विटी फंड्स (ग्रोथ ऑप्शन) में 20 साल पहले (जुलाई, 1999 से पहले) हर माह 10,000 का शुरू करने पर सभी फंड्स का औसत वैल्यू कुछ इस प्रकार होताः


juber-2.

हम ऊपर दी गई सारणी में देख सकते हैं कि अगर एक निवेशक 20 साल तक निवेश करता है तो सबसे अच्छे केस में निवेश में उसे 12.2 गुना और सबसे कमजोर रिटर्न वाले केस में 3.3 गुना रिटर्न हासिल होता है.

उतार-चढ़ाव और निगेटिव रिटर्न की प्रत्याशा (प्रोबेबलिटी)
यह आम तौर पर देखा गया है कि की अवधि बढ़ने पर निगेटिव रिटर्न और उतार-चढ़ाव की प्रत्याशा कम हो जाती है. इस चीज को बेहतर तरीके से समझने के लिए हमने कोटक फ्लैक्सीकैप फंड के उदाहरण पर गौर किया. यह फ्लैक्सी कैप फंड है और 10 साल से ज्यादा समय से मौजूद है. 21 फरवरी की तारीख तक इंडेक्स फंड्स को छोड़कर सभी ओपन-एंडेड इक्विटी फंड्स में इसका एयूएम सबसे ज्यादा है.


juber-3.


लाल रंग से चिह्नित सेल कोविड-19 महामारी के असर को दिखाते हैं, जो बहुत ही दुर्लभ और असाधारण मामला है.

ऊपर दी गई सारणी में हम यह देख सकते हैं कि निवेश की अवधि एक साल होने पर निगेटिव रिटर्न की संभावना बढ़ जाती है. जबकि अवधि के दो साल होते ही निगेटिव रिटर्न की गुंजाइश कम हो जाती है.

वहीं, अगर निवेश की अवधि तीन वर्ष या उससे ज्यादा रहती है तो वर्ष 2017-18 को छोड़कर निगेटिव रिटर्न देखने को नहीं मिलता है. एसआईपी की अवधि पांच साल से ज्यादा होते ही रिटर्न में सुधार देखने को मिलता है.

सिप में सफल निवेश का राज
आप यह समझ गए होंगे कि के जरिए निवेश करने पर आपको मार्केट को टाइम नहीं करना पड़ता है. लेकिन निवेशकों को एसआईपी को इतने लंबे वक्त के लिए अपनाना चाहिए ताकि आपके रिटर्न पर बाजार में तेजी या गिरावट का असर ना पड़े. वारेन बफे ने 11 साल की आयु में निवेश करना शुरू कर दिया था लेकिन 56 साल की आयु के होने के बाद ही वह अरबपति बने.




हिंदी में पर्सनल फाइनेंस और शेयर बाजार के नियमित अपडेट्स के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज. इस पेज को लाइक करने के लिए यहां क्लिक करें.
(Disclaimer: The opinions expressed in this column are that of the writer. The facts and opinions expressed here do not reflect the views of www.economictimes.com.)

टॉपिक

सिप के जरिए निवेशकोटक म्यूचुअल फंडनिवेशशेयर बाजारम्यूचुअल फंडशेयरों में निवेश

ETPrime stories of the day

Partying the Nolo way: New-age brands are offering choices beyond Pepsi and Coca-Cola
FMCG

Partying the Nolo way: New-age brands are offering choices beyond Pepsi and Coca-Cola

10 mins read
As airlines inch back to normalcy, vacant middle seats are a cause of worry
Recent hit

As airlines inch back to normalcy, vacant middle seats are a cause of worry

11 mins read
Skill or chance? The USD7 billion question that can make or break India’s online gaming industry.
Policy and regulations

Skill or chance? The USD7 billion question that can make or break India’s online gaming industry.

12 mins read

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सैमसंग इंडिया इलेक्ट्रॉनिक्स का बीते वित्त वर्ष 2020-21 का शुद्ध लाभ 39 प्रतिशत बढ़कर 4,040.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। हालांकि, वित्त वर्ष के दौरान कंपनी की परिचालन आय 75,886.3 करोड़ रुपये पर स्थिर रही। इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र की दिग्गज कंपनी के भारत में कारोबार में मोबाइल फोन खंड का हिस्सा सबसे अधिक है। इससे पिछले वित्त वर्ष 2019-20 में कंपनी का शुद्ध लाभ 2,902.6 करोड़ रुपये और परिचालन आय 75,451.5 करोड़ रुपये रही थी। बाजार और कंपनी के बारे में सूचना देने वाली कंपनी टॉफलर ने कंपनी पंजीयक के पास जमा कराए गए दस्तावेजोंनयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि दो महीनों में ई-श्रम पोर्टल पर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। यह असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में पहला संगठित रूप से एकत्रित राष्ट्रीय आंकड़ा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दो महीनों में 5 करोड़ से अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।’’ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसमें निर्माण, परिधान, विनिर्माण, मत्स्य, खोमचे-रेहड़ी पटरी वाले, ठेका कर्मी, घरों में काम करने वाले, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियोंएडीबी आइजोल में शहरी परिवहन के लिए 45 लाख डॉलर का परियोजना वित्त पोषण ऋण प्रदान करेगा

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि दो महीनों में ई-श्रम पोर्टल पर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। यह असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में पहला संगठित रूप से एकत्रित राष्ट्रीय आंकड़ा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दो महीनों में 5 करोड़ से अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।’’ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसमें निर्माण, परिधान, विनिर्माण, मत्स्य, खोमचे-रेहड़ी पटरी वाले, ठेका कर्मी, घरों में काम करने वाले, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियोंनेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने की कई कोशिश की जा रही है.नियमित आमदनी के लिए इन पांच विकल्प में निवेश कर सकते हैं सीनियर सिटीजन

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सार्वजनिक क्षेत्र की जलविद्युत कंपनी एनएचपीसी ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए सरकार को 249.44 करोड़ रुपये का अंतिम लाभांश दिया है। बिजली मंत्रालय ने मंगलवार को बयान में यह जानकारी दी। बयान के अनुसार, एनएचपीसी के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक एक के सिंह ने 26 अक्टूबर को केंद्रीय बिजली, नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री को इस बारे में भुगतान सूचना सौंपी। इस मौके पर बिजली सचिव आलोक कुमार भी मौजूद थे। इसके अलावा पांच मार्च, 2021 को कंपनी ने 890.85 करोड़ रुपये का अंतरिम लाभांश दिया था। इस तरह बीते वित्त वर्ष केनयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि दो महीनों में ई-श्रम पोर्टल पर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। यह असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में पहला संगठित रूप से एकत्रित राष्ट्रीय आंकड़ा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दो महीनों में 5 करोड़ से अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।’’ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसमें निर्माण, परिधान, विनिर्माण, मत्स्य, खोमचे-रेहड़ी पटरी वाले, ठेका कर्मी, घरों में काम करने वाले, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियोंभारत जलवायु प्रौद्योगिकी निवेश के मामले में दुनिया के शीर्ष 10 देशों में शामिल: रिपोर्ट

पूरा पाठ विस्तारित करें
संबंधित लेख
बेटिंग बैकअपनेटवर्क

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) स्विट्जरलैंड की कंपनी होल्सिम ग्रुप की इकाई अंबुजा सीमेंट्स का चालू वित्त की सितंबर में समाप्त तीसरी तिमाही का एकीकृत शुद्ध लाभ 10.85 प्रतिशत बढ़कर 890.67 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है। कंपनी का वित्त वर्ष जनवरी-दिसंबर तक होता है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 803.50 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था। बीएसई को भेजी सूचना में कंपनी ने कहा कि तिमाही के दौरान उसकी परिचालन आय 7.74 प्रतिशत बढ़कर 6,647.13 करोड़ रुपये पर पहुंच गई, जो एक साल पहले समान अवधि में 6,169.47 करोड़ रुपये थी।

रमी ऑनलाइन कैश

अधिकतर निवेशक इक्विटी फंड्स में निवेश करने के लिए सिस्टेमैटिक इंवेस्टमेंट प्लान (सिप) को तरजीह देते हैं. हाल के समय में सिप को बहुत अधिक लोकप्रियता मिली है.

फिलाडेल्फिया में लाइव कैसीनो

सामान्‍य सिप के मामले में निवेशक सिप की अवधि में अपना कॉन्ट्रिब्‍यूशन नहीं बढ़ा सकते हैं. अगर वे इसे बढ़ाना चाहते हैं तो उन्‍हें नए सिरे से सिप शुरू करना होगा या एकमुश्त निवेश करने की जरूरत होगी.

लूडो टैलेंट डाउनलोड

नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में लोगों की दिलचस्पी बढ़ाने की कई कोशिश की जा रही है.

जैकपॉट पूरी मूवी ऑनलाइन देखें

यूनिट लिंक्ड इंश्‍योरेंस प्‍लान यानी यूलिप और म्यूचुअल फंड कई मायनों में अलग होते हैं. यह और बात है कि कई लोग इन्‍हें एक जैसा प्रोडक्ट समझने की भूल कर बैठते हैं. आपको भी अगर ऐसी गलतफहमी है तो यहां हम इन दोनों के बीच कुछ महत्वपूर्ण अंतरों के बारे में बता रहे हैं.

संबंधित जानकारी
लॉटरी खेला संबाद

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) सरकार ने मंगलवार को कहा कि दो महीनों में ई-श्रम पोर्टल पर 5 करोड़ से अधिक लोगों ने पंजीकरण कराया है। यह असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले कर्मचारियों के बारे में पहला संगठित रूप से एकत्रित राष्ट्रीय आंकड़ा है। श्रम एवं रोजगार मंत्रालय ने एक बयान में कहा, ‘‘दो महीनों में 5 करोड़ से अधिक कामगारों ने ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराया है।’’ विभिन्न क्षेत्रों में काम करने वाले कामगारों ने पोर्टल पर पंजीकरण कराया है। इसमें निर्माण, परिधान, विनिर्माण, मत्स्य, खोमचे-रेहड़ी पटरी वाले, ठेका कर्मी, घरों में काम करने वाले, कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों

गरम जानकारी
क्रिकेट का नाम हिंदी में

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों को समावेशी और हरित विकास के लिये निजी क्षेत्र की पूंजी जुटाने के कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। एआईआईबी के संचालन मंडल की छठी सालाना बैठक में भाग लेते हुए वित्त मंत्री ने बहुपक्षीय बैंक से सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिये निवेश अवसर तलाशने को भी कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और जलवायु संकट ने बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के महत्व और बहुपक्षीय विकास वित्त के साथ राष्ट्रों के प्रयासों

प्रतिष्ठित फुटबॉल सट्टेबाजी साइट

नयी दिल्ली, 26 अक्टूबर (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मंगलवार को कहा कि एशियाई अवसंरचना निवेश बैंक (एआईआईबी) जैसे बहुपक्षीय विकास बैंकों को समावेशी और हरित विकास के लिये निजी क्षेत्र की पूंजी जुटाने के कार्यों में तेजी लाने की जरूरत है। एआईआईबी के संचालन मंडल की छठी सालाना बैठक में भाग लेते हुए वित्त मंत्री ने बहुपक्षीय बैंक से सामाजिक बुनियादी ढांचे के विकास के लिये निवेश अवसर तलाशने को भी कहा। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी और जलवायु संकट ने बहुपक्षीय विकास बैंकों (एमडीबी) के महत्व और बहुपक्षीय विकास वित्त के साथ राष्ट्रों के प्रयासों